इस खोने पाने की उलझन में हम जो भी थे वो भी न हुए। इस खोने पाने की उलझन में हम जो भी थे वो भी न हुए।
वक्त की तेज़ धूप ने सब ज़ाहिर कर दिया है खरे सोने पर ऐसी बिखरी की उसकी चमक को काफ़ूर क वक्त की तेज़ धूप ने सब ज़ाहिर कर दिया है खरे सोने पर ऐसी बिखरी की उसकी चम...
सुबह ने रफ़्तार पकड़ ली है अलार्म की घंटी बजते ही इंसान भागता है दिन रथ के घोड़े तै सुबह ने रफ़्तार पकड़ ली है अलार्म की घंटी बजते ही इंसान भागता है दिन रथ ...
वक़्त की क़ैद मे यूँ गिरफ्तार हो जायेंगे ! फासलों से हम-तुम बस, फना हो जाएंगे वक़्त की क़ैद मे यूँ गिरफ्तार हो जायेंगे ! फासलों से हम-तुम बस, फना हो जाएंगे
अभी रात है , तो डरने की क्या बात है? दिन भी निकलेगा, अंधेरे की क्या औकात है, अभी रात है , तो डरने की क्या बात है? दिन भी निकलेगा, अंधेरे की क्या औकात है,
रोज मर्रा की जिंदगी में , भागमभाग लगी पड़ी है। रोज मर्रा की जिंदगी में , भागमभाग लगी पड़ी है।